‘लव जिहाद’ के खिलाफ योगी आदित्यनाथ सरकार ने महत्वपूर्ण कदम उठाते हुए विधानसभा के मानसून सत्र के पहले दिन सदन में उत्तर प्रदेश विधि विरुद्ध धर्म संपरिवर्तन प्रतिषेध (संशोधन) विधेयक-2024 पेश किया गया, जिसके तहत ‘लव जिहाद’ के मामलों में अब उम्रकैद की सजा का प्रावधान किया गया है। पहले इन मामलों में अधिकतम 10 वर्ष की सजा और 50 हजार रुपये का जुर्माना था।
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने इस कानून के महत्व पर जोर देते हुए कहा कि यह कानून हिन्दुओं के खिलाफ षड्यंत्रों को समाप्त करने में मदद करेगा। उन्होंने कहा कि यह कानून समाज में व्याप्त भय और असुरक्षा की भावना को कम करेगा और कानून के प्रभावी कार्यान्वयन को सुनिश्चित करेगा।
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संशोधित कानून के तहत विदेशी फंडिंग के मामले में 07 से 14 वर्ष तक की सजा और 10 लाख तक जुर्माना होगा। यह कानून विशेष रूप से नाबालिग, दिव्यांग, मानसिक रूप से दुर्बल, महिला, वनवासी, अनुसूचित जाति और जनजाति के सभी हिन्दुओं की सुरक्षा को प्राथमिकता दी गई है।
दरअसल जब से दुनिया में इस्लाम और ईसाई मत अस्तित्व में आये तब से हिन्दू धर्म के खिलाफ एक सुनोयोजित षडयंत्र के तहत हिन्दू धर्मावलम्बियों के मतांतरण का प्रयास जारी हैं. इस बात से पूरा विश्व परिचित है।
कभी लव जिहाद के रूप में हिन्दुओं की भोलीभाली बच्चियों को नाम बदलकर प्रेमजाल में फसाना हो या गरीबों का सेवा के नाम पर मतांतरण करा देना आज भी जारी है।
इन सब बातों को ध्यान में रखते हुए उत्तर प्रदेश की योगी सरकार ने इस महत्वपूर्ण कानून को और सख्त बनाने के लिए यह एक सराहनीय कदम उठाया है। कानून के साथ साथ हिन्दू समाज को भी सजग और सावधान रहने की विशेष जरुरत है।

