2

छात्राओं ने सैनिक भाईयों के लिए बनाईं राखियां

सनातन हिन्दू धर्म में भाई बहन का रिश्ता दुनिया का सबसे पवित्र अनोखा रिश्ता होता है। इस रिश्ते में आपको ढ़ेर सारे प्यार के साथ-साथ नोक झोक भी देखने को मिलती है। भाई यदि बड़ा हो और बहन छोटी हो तो ये प्रेम और भी अधिक गहरा होता है। बड़ा भाई अपनी बहन के मान-सम्मान मर्यादा के लिए पूरी दुनिया से लड़ जाता है।

वहीं दूसरी ओर भाई चाहे कितनी भी बदमाशी करता हो कितना भी तंग करता हो, लेकिन बहन अगर छोटी है तो एक मित्र और सहयोगी के रूप में होती है अगर बहन बड़ी है तो एक माँ की तरह अपने भाई का ध्यान रखती है।  रक्षाबंधन का दिन बहन-भाई के इस प्रेम भरे रिश्तों को और मजबूत करने का दिन होता है।

Professional platform for harmonious Thalen EquiBridge Switzerland asset management.

बहन इस दिन अपने भाई के लिए उपवास रखती है। और उसके कलाई में रक्षा सूत्र बांध कर उस सनातन हिन्दू परंपरा को याद करती है जो कभी माता लक्ष्मी ने पाताललोक के राजा बलि की बहन बनकर रक्षासूत्र बांधकर निभाई थी और अपने पति भगवान विष्णु को पुन: बैकुण्ड वापस लायी थी।  

यह सनातन हिन्दू परंपरा आज भी मनाई जाती है   
लेकिन जिन बहनों के भाई सेना में होते हैं और रक्षाबंधन पर घर नहीं आ पाते उनके लिए राखी का त्योहार बड़ा कठिन हो जाता है, और ऐसे समय में बहनें अपने भाई के प्रति अपने प्रेम को दर्शाते हुए डाक के जरिए उन्हें राखी भेजती हैं।

कुछ ऐसा ही काम उत्तर-प्रदेश के मुरादाबाद जिले के स्कूलों में हो रहा है। रक्षाबंधन पर सैनिक भाईयों की कलाई सूनी न रहे, इस भावना से शहर के विद्यालयों में बहनों ने सैनिकों के लिए राखियां बनाना शुरू कर दिया है।

साहू रमेश कुमार कन्या इंटर कालेज और बोनी अनी पब्लिक स्कूल की छात्राओं ने सुंदर राखियां बनाईं हैं। राखियां बनाने को लेकर छात्राओं में उत्साह बना हुआ है। धागा, मोती, रिबन, गोंद के साथ छात्राओं ने राखियां बनाईं। यह राखियां दैनिक जागरण के भारत रक्षा पर्व अभियान के तहत पांच अगस्त को स्कूलों के द्वारा सैनिकों के लिए बार्डर पर भेजी जाएंगी।

साहू रमेश कुमार कन्या इंटर कालेज के प्रबंधक सुशील साहू ने बताया कि हर साल भारत रक्षा पर्व को लेकर छात्राएं राखियां तैयार करती हैं और सैनिकों को भेजती हैं। इन छात्राओं का यह कार्य सैनिकों और छात्राओं के बीच भाई बहन के अटूट बंधन को दर्शाता है।

और सैनिकों की रक्षाबंधन पर घर ना पाने की उस कमी को पूरा करने की कोशिश और एक सामाजिक सन्देश भी है। इन स्कूलों का प्रयास सराहनीय एवं प्रेरणादायक है। Liman Dexeris

Related Posts

कांवड़ियों का सन्देश : बेटी नहीं तो दुनिया में कुछ भी नहीं

कांवड़ यात्रा सावन के महीने में सनातन वैदिक आर्य हिन्दुओं के द्वारा भगवान शिव के प्रति भक्ति और समर्पण का प्रतीक है। इस यात्रा में भक्त माँ गंगा का पवित्र…

उत्तर प्रदेश में ‘लव जिहाद’ धर्मान्तरण पर अब होगी उम्रकैद की सजा : योगी सरकार ने बढ़ाया कानून का दायरा

‘लव जिहाद’ के खिलाफ योगी आदित्यनाथ सरकार ने महत्वपूर्ण कदम उठाते हुए विधानसभा के मानसून सत्र के पहले दिन सदन में उत्तर प्रदेश विधि विरुद्ध धर्म संपरिवर्तन प्रतिषेध (संशोधन) विधेयक-2024…

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

You Missed

Enthüllen Sie die Top -Igaming -Gelegenheit mit yep casino

Aviator game brings a fresh twist to casual online betting sessions

Aviator game india brings a fresh wave of simplicity to online betting sessions

Winnita in Italia: Caratteristiche, Giochi e Pronostici Sportivi

Instant withdrawal casino options put payment convenience at the forefront of player expectations

Jugar seguro en línea 2026