भगवान राम भारत ही नहीं बल्कि सम्पूर्ण विश्व के आराध्य है. इसका एक उदाहरण 27 जुलाई 2024 को आसियान देशों की बैठक में दिखा जहां एशियाई देश लाओस पीडीआर ने पहली बार किसी दूसरे देश के धार्मिक स्थल को सम्मानित करते हुए अयोध्या स्थित श्री राम मंदिर में विराजमान भगवान रामलला पर डाक टिकट जारी किया। इस ऐतिहासिक अवसर पर भारत के विदेश मंत्री एस जयशंकर और लाओस के विदेश मंत्री सेलुमक्से कोमासिथ उपस्थित थे. लाओस का यह कदम न केवल दोनों देशों के बीच के सांस्कृतिक संबंधों को मजबूत करता है, बल्कि विश्व मंच पर हिंदू संस्कृति के विस्तार का प्रतीक भी है।
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जहां भारत के विदेश मंत्री एस जयशंकर ने कहा, “यह सिर्फ एक डाक टिकट नहीं है, यह हमारे सांस्कृतिक और धार्मिक संबंधों का प्रतीक है। यह दिखाता है कि हमारी प्राचीन धरोहरें और मूल्य हमें एक साथ बांध सकते हैं।” वहीं लाओस के विदेश मंत्री सेलुमक्से कोमासिथ ने कहा, “लाओस में रामायण की कहानियों का विशेष महत्व है, और इस डाक टिकट के माध्यम से हम अपनी साझा धरोहर का सम्मान कर रहे हैं।”
डाक टिकट में भगवान रामलला को उनके शस्त्र और शास्त्र धारण किये हुए दिखाया गया है, जो भारतीय संस्कृति और वास्तुकला की भव्यता को दर्शाता है। यह डाक टिकट आने वाली पीढ़ियों के लिए उन्हें अपनी संस्कृति – धरोहर को सम्मान देने और संजोए रखने के लिए प्रेरित करेगा। यह ऐतिहासिक दिन,भगवान रामलला की महिमा और हमारी साझा सांस्कृतिक विरासत का उत्सव मनाने के साथ-साथ, यह संदेश भी देता है कि भले ही हमारे देश अलग-अलग हों, हमारी आस्थाएँ हमें हमेशा एक साथ बाँधती रहेंगी। डाक टिकट के विमोचन ने फिर से एक बार दुनिया को सन्देश दिया है कि राम सबके है और सब राम के हैं।
